एक गूँज है जिंदगी
एक गूँज है जिंदगी आज मैं अपनी बात कहने के लिए बतौर स्मृति ,मस्तिष्क में दर्ज कई साल पहले पढ़ा गया एक छोटा सा आध्यात्मिक प्रतिसंवाद लेकर आई हूं ।हो सकता है प्रतिसंवाद का स्वरूप कुछ बदल गया हो पर मूल भावना यथावत है। प्रतिसंवाद कुछ यूं कि एक दार्शनिक अपनी मित्र मंडली के साथ …









