जिंदगी हर रोज अलग अलग रंग रूप में मेरे सामने हाजिर हो जाती है। वह नित नई सजधज के साथ कभी हैरान करती है तो कभी आश्वस्त। कभी खिलखिलाहट का सबब बनती है तो कभी मुँह बिसूरने की वजह भी। अक्सर ही मंत्रमुग्ध और चकित करती रहती है तो जब तब कुछ विरोधाभासों और विसंगतियों से रूबरू भी कराती है। कुछ नया सिखाने को हरदम आतुर रहती है। जिंदगी के इस बहुरंगे क्लाइडोस्कोप से जितने रंग सहेज पाती हूँ और फिर जितने अपने शब्दों में समेट पाती हूँ,बस उन्हें ही आप मेरे ब्लॉग पर बिखरा हुआ पाएंगे।
जीवन कहता है – मैं कर सकता हूँ
जीवन कहता है – मैं कर सकता हूँ Swarnimasha मंच पर मेरे एक नए ब्लॉग में एक बार फिर आप सबका स्वागत है।आज मैं अपनी...
Read Moreडर की आँखों में आँखे डाल
डर की आँखों में आँखे डाल आज मेरे ब्लॉग का शीर्षक पढ़कर एकबारगी आपको लगेगा कि बात किसी डरावने या हैरतअंगेज मंजर का निडरता से...
Read Moreतेरा जवाब यही है कि मुस्कुराए जा
तेरा जवाब यही है कि मुस्कुराए जा आज मैं अपनी बात कहने के लिए महान चीनी ज़ेन गुरु लिन- ची के जीवन का सुंदर प्रसंग...
Read Moreएक गूँज है जिंदगी
एक गूँज है जिंदगी आज मैं अपनी बात कहने के लिए बतौर स्मृति ,मस्तिष्क में दर्ज कई साल पहले पढ़ा गया एक छोटा सा आध्यात्मिक...
Read Moreमाइंडफुल पॉज़
माइंडफुल पॉज़ आज मैं अपनी बात कहने के लिए अमेरिका के सुप्रसिद्ध लेखक और वक्ता श्रीमान डेल कार्नेगी जी का एक प्रसंग लेकर आई हूँ।उन्होंने...
Read Moreये जो जिंदगी की किताब है
Ye jo zindagi ki kitaab hai मानसपटल पर किताब शब्द के उभरते ही मुद्रित अक्षरों से लबालब ज्ञान की तहरीरें साकार होने लगती हैं।बचपन की...
Read Moreओ री चिरैया ** नन्ही सी चिड़िया
ओ री चिरैया ** नन्ही सी चिड़िया प्रिय गौरिया यूँ तो हम न जाने कितने दिनों से तुम्हारी बाट जोह रहे हैं पर हर साल...
Read Moreनवाज़िश करम शुक्रिया मेहरबानी
नवाज़िश करम शुक्रिया मेहरबानी आज मैं अपनी बात कहने के लिए ओशो साहित्य से पढ़ी हुई एक गहराई से परिपूर्ण सुंदर कहानी लेकर आई हूँ।...
Read Moreकहीं देर न हो जाए …………
कहीं देर न हो जाए ………… आज मैं अपनी बात रखने के लिएआपको ओशो की एक कहानी लेकर आई हूँ।जर्मनी में एक नामी विद्वान था।उसने...
Read Moreमेरी माँ, मेरी पहली पाठशाला
मेरी माँ, मेरी पहली पाठशाला आज अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस पर मैं अपनी पहली पाठशाला यानि अपनी माँ के जीवन से जुड़े कुछ प्रेरक प्रसंग आप सबके...
Read Moreसमृद्धि मस्तिष्क की
समृद्धि मस्तिष्क की श्री श्री रविशंकर जी का एक कथन कहीं पढा था कि मस्तिष्क को एक अच्छी किताब की तरह सुव्यवस्थित कीजिए।इस शानदार कथन...
Read Moreजिन खोजा तिन पाइयां – – – –
जिन खोजा तिन पाइयां – – – – आज अपनी बात कहने के लिए मैंने ,कुछ दिन पहले किए गए एक छोटे से सफर में घटित प्रसंग...
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