ये जो जिंदगी की किताब है

Ye jo zindagi ki kitaab hai मानसपटल पर किताब शब्द के उभरते ही मुद्रित अक्षरों से लबालब ज्ञान की तहरीरें साकार होने लगती हैं।बचपन की दहलीज पर कदम रखते ही किताब में मुद्रित अक्षरों से तो हम बहुत कुछ सीखते आए हैं पर खुद किताब भी जिंदगी के कई सबक,सलीके और इफरात फ़लसफ़े सिखाती है …

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ओ री चिरैया ** नन्ही सी चिड़िया

ओ री चिरैया ** नन्ही सी चिड़िया प्रिय गौरिया यूँ तो हम न जाने कितने दिनों से तुम्हारी बाट जोह रहे हैं पर हर साल 20 मार्च को तो हम बड़ी अधीरता से तुम्हारी प्रतीक्षा करते हैं।आज के खास दिन अलसुबह से दिन ढलने तक हम कभी छत पर, कभी छज्जे पर ,कभी सामने वाले …

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नवाज़िश करम शुक्रिया मेहरबानी

नवाज़िश करम शुक्रिया मेहरबानी आज मैं अपनी बात कहने के लिए ओशो साहित्य से पढ़ी हुई एक गहराई से परिपूर्ण सुंदर कहानी लेकर आई हूँ। एक महिला और उसका छोटा बच्चा समुद्र में अठखेलियां कर रहे थे। पानी का बहाव बेहद तेज था।महिला ने अपने पुत्र की बाँह मजबूती से थाम रखी थी।वे प्रसन्नतापूर्वक जलक्रीड़ा …

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कहीं देर न हो जाए …………

कहीं देर न हो जाए ………… आज मैं अपनी बात रखने के लिएआपको ओशो की एक कहानी लेकर आई हूँ।जर्मनी में एक नामी विद्वान था।उसने दुनिया भर में घूम करढेरों शास्त्र इकट्ठे किए।उसके मित्र उसके निजी पुस्कालय को देखकर ,अचरज से कहते तुम इन्हें पढ़ोगे कब ? और हमेशा ही उसका झल्लाहट भरा जवाब होता …

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मेरी माँ, मेरी पहली पाठशाला

मेरी माँ, मेरी पहली पाठशाला आज अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस पर मैं अपनी पहली पाठशाला यानि अपनी माँ के जीवन से जुड़े कुछ प्रेरक प्रसंग आप सबके साथ सांझा कर रही हूँ। मेरी मम्मी श्रीमती आशा तिवारी अत्यंत सहज सरल स्वभाव की उदारमना महिला थीं।वे एक उच्च शिक्षित महिला थीं जो एक ग्रामीण अंचल के शासकीय उच्चतर …

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समृद्धि मस्तिष्क की

समृद्धि मस्तिष्क की श्री श्री रविशंकर जी का एक कथन कहीं पढा था कि मस्तिष्क को एक अच्छी किताब की तरह सुव्यवस्थित कीजिए।इस शानदार कथन को पढ़ते ही मेरे रचनात्मक मन से अगला संबद्ध विचार तुरंत गूँज उठा कि – — यदिआप निरंतर इस सुव्यवस्थापन की दिशा में निरंतर प्रयास करेंगे तो आपकी जिंदगी किसी …

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जिन खोजा तिन पाइयां – – – –

जिन खोजा तिन पाइयां – – – – आज अपनी बात कहने के लिए मैंने ,कुछ दिन पहले किए गए एक छोटे से सफर में घटित प्रसंग को लिया है।वाकया कुछ यूं कि एक बड़े पर्व के दौरान में ट्रेन से यात्रा कर रही थी। त्योहारी भीड़ की वजह से बोगी पोर पोर मुसाफिरों से अटी थी।जितने …

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शौक ए दीदार अगर है, तो नजर पैदा कर ……

शौक ए दीदार अगर है, तो नजर पैदा कर ……. आज अपनी बात कहने के लिए मै ‘ चिकन सूप फॉर द सोल’कहानी संग्रह से डी डी रॉबिन्सन जी की एक एक शिक्षाप्रद कहानी लेकर आई हूँ। कहानी कुछ यूँ है कि एक बूढ़ा हर रोज अपनी कुर्सी पर इस संकल्प के साथ दिन भर …

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अब उड़ना है आसान,छूना है आसमान ———-

अब उड़ना है आसान,छूना है आसमान ——— आज विश्व साइकिल दिवस है और आज के आलेख का शीर्षक,अस्सी -नब्बे के दशक की एक मशहूर साइकिल कंपनी के टेलीविज़न और अखबारों में छाए एक विज्ञापन के जिंगल से उठाया है।वह कालखंड साइकिल का स्वर्णिम कालखंड रहा है। उस दौर के कई मशहूर मॉडल और नामी गिरामी …

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एक प्रेरक कथा -शक्ति संभावना की

एक प्रेरक कथा -शक्ति संभावना की लगभग सभी धर्मग्रंथों में मनीषियों ने प्रकृति और आसपास के परिवेश से सहज सरल उदाहरण चुनकर विविध कथाओं ,उपकथाओं दृष्टांतों ,आपसी संवादों आदि के माध्यम से जीवन दर्शन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कई बेजोड़ सूत्र और संदेश दिए हैं। इसी तारतम्य में हम छान्दोग्य उपनिषद के एक सुंदर …

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