समृद्धि मस्तिष्क की
समृद्धि मस्तिष्क की श्री श्री रविशंकर जी का एक कथन कहीं पढा था कि मस्तिष्क को एक अच्छी किताब की तरह सुव्यवस्थित कीजिए।इस शानदार कथन को पढ़ते ही मेरे रचनात्मक मन से अगला संबद्ध विचार तुरंत गूँज उठा कि – — यदिआप निरंतर इस सुव्यवस्थापन की दिशा में निरंतर प्रयास करेंगे तो आपकी जिंदगी किसी …









