कहीं देर न हो जाए …………
कहीं देर न हो जाए ………… आज मैं अपनी बात रखने के लिएआपको ओशो की एक कहानी लेकर आई हूँ।जर्मनी में एक नामी विद्वान था।उसने दुनिया भर में घूम करढेरों शास्त्र इकट्ठे किए।उसके मित्र उसके निजी पुस्कालय को देखकर ,अचरज से कहते तुम इन्हें पढ़ोगे कब ? और हमेशा ही उसका झल्लाहट भरा जवाब होता …










